सागर सी गहराई हो
पर्वत सी ऊँचाई हो
रोम - रोम में खुशहाली हो
हर दिल में सच्चाई हो

बुधवार, 29 अप्रैल 2009

मानसी गुप्ता की बाल कविता ; तितली


रं बिरंगी प्यारी तितली ,
मेरे घर में आती है
संग खेलती है वह मेरे ,
मीठे गीत सुनाती है
क्ष्रण में दूर चली जाती है ,
क्ष्रण में पास , वह जाती है
फूलों का रस चूस चूस कर ,
मीठा शहद पिलाती है

1 टिप्पणी:

  1. सुंदर प्रयास है!

    रचनाकार को मेरा आशीष
    और
    इससे भी अच्छी रचनाएँ
    रचने के लिए शुभकामनाएँ!

    उत्तर देंहटाएं

हिन्दी में लिखिए

Hindi Blog Tips

TIPS

HONESTY IS THE BEST POLICY
LAUGHTER IS THE BEST MEDICINE
Loading...

समर्थक

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
नाम : आदेश कुमार पंकज पिता का नाम :( स्व०) श्री किशोरी लाल गुप्ता माता का नाम : श्रीमती पुष्पावती गुप्ता जन्म तिथि : ३०.०६ 1963 जन्म स्थान : शाहजहाँपुर (उ .प्र .) शिक्षा : एम ० एस - सी० ( गणित शास्त्र ) एम ० ए० ( अर्थ शास्त्र ) बी० एड० साहित्यिक परिचय : अनेकों कहानी व् कविताएँ विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में प्रकाशित | आकाशवाणी लखनऊ से बाल कविताएँ प्रचारित | अनेकों कवि सम्मेलनों कि अध्यक्षता व् संचालन | कस्तूरी कंचन आगमन संस्था द्वारा प्रकाशित एवम दोहा कलश संयुक्त दोहाकारों के रूप में प्रकाशाधीन | पुरस्कार : अखिल भारतीय वैश्य समाज शाहजहाँपुर द्वारा वैश्य रत्न से सम्मानित | कई कवि सम्मेलनों में विशेष सम्मान | माननीय शिक्षा मंत्री भारत सरकार श्रीमती स्मृति ईरानी द्वारा सम्मानित | विधालय प्रबंधन द्वारा लगातार आठ वर्षों से सम्मानित | वर्तमान में आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल , रेनुसागर , सोनभद्र (उ ,प्र .) में प्रवक्ता गणित शास्त्र के पद पर कार्य रत | संपर्क : जूनियर ४५ - ए रेनुसागर ,सोनभद्र (उ.प्र.)- २३१२१८ मोब .नंबर . ९४५५५६७९८१

arnava

THANKS FOR VISITING