सागर सी गहराई हो
पर्वत सी ऊँचाई हो
रोम - रोम में खुशहाली हो
हर दिल में सच्चाई हो

गुरुवार, 30 अप्रैल 2009

आशुतोष त्रिपाठी की कविता : दस्तूर अनोखा

आतंक है एक गंभीर समस्या , इसके समक्ष है सब हैं लाचार
निरंतर बढती घोर अमावस्या ऊपर से पड़ती मंदी की मार
दुनिया का दस्तूर अनोखा जिसने पाला उसी को धोखा
नेता लगा रहे हैं हम सब की बोली पैसों से भरतें हैं अपनी झोलीं
किसको किसकी परवाह है कौन निभाता है अपनी जिम्मेदारी
अपनी अपनी ढपली देखो अपने अपने राग ,कैसे होगी शांत फैली है जो आग
किसी मोड़ पर हार मिलेगी किसी मोड़ पर जीत
हिम्मत कभी नहीं हारो तुम बन जाओ सहज विनीत

बुधवार, 29 अप्रैल 2009

मानसी गुप्ता की बाल कविता ; तितली


रं बिरंगी प्यारी तितली ,
मेरे घर में आती है
संग खेलती है वह मेरे ,
मीठे गीत सुनाती है
क्ष्रण में दूर चली जाती है ,
क्ष्रण में पास , वह जाती है
फूलों का रस चूस चूस कर ,
मीठा शहद पिलाती है

शनिवार, 25 अप्रैल 2009

मुक्तक

शूल भी क्या फूल भी , सब कटीलें हो गए
डालियों पर जो लगाये , फल कसैले हो गए
बात किसकी अब करून , आदमी या जानवर की ,
आदमी तो जानवर से , भी विषैले हो गए
आदमी की जिन्दगी क्या , यह लटकता सा तना है
हाथ से पावं तक , हर तरह से यह सना है
है पता उसको नहीं , जिन्दगी की शाम का ,
क्या उचित अनुचित यहाँ , सब उसी को सोचना है

आदेश कुमार पंकज की कविता : नारी माहात्मय

मत अपमान करो नारी का ,
यह तो जग की शान है ।
क्यों करते हो गर्भ में हत्या ,
यह तो तेरा मान है ।
आँगन की किलकारी यह है ,
बगिया की फुलवारी यह है ।
घर भर की खुशहाली यह है ,
हर ओठों की मुस्कान है ।
कभी यह प्रतिभा पाटिल बनकर ,
पूरे देश पर राज्य करे ।
कभी यह इंदिरा गाँधी बनकर ,
जग में रोशन नाम करे ।
कल्पना चावला बनकर इसने ,
दे दी नई उराहान है ।
माता बनकर के इसने ,
आचंल में हमें छिपाया ।
बहिन और पुत्री बन के इसने ,
पथ है हमें दिखाया ।
पत्नी बन यह कदम मिलाती ,
करती जीवन बलिदान है ।
आसुरी साम्राज्य मिटाने को ,
भिन्न -भिन्न यह रूप धरे ।
काली दुर्गा बन कर के यह ,
संकट सबके दूर करे ।
सृष्टी की कर्ता - हर्ता है ,
करती सबका कल्याण है ।

मंगलवार, 21 अप्रैल 2009

ओम प्रकाश अडिग की कविता :तुम मेरे भविष्य हो

प्रदर्शन के बाद ,
यदि कुछ बचा ,
तो तुम्हें दे जाऊँगा ,
तुम मेरे भविष्य हो ।
हम सब मिलकर -
ख़राब करतें हैं वर्तमान ,
मान या मान ।
तू भी ऐसा ही करेगा ।
सच्चाई हर जगह अच्छी होती है ।
तुमहें भी भुगतना होगा ।
अनास्थाओं के शरीर से -
निकलता हुआ लहू ,
उस लहू से रंगी हुई तस्वीर ,
हम इसी पहाढ़ की खूंटी पर टांग जायेंगे ,
तुम्हारे देखने के लिये ।
शायद प्रदर्शन के बाद इसके अतिरिक्त कुछ भी नही बचेगा ।
लहू और क्या रचेगा
रोशन गंज , शाहजहांपुर ( प्र ) २४२००१

गुरुवार, 9 अप्रैल 2009

चंदा ला दो

मुन्ना बोला - एक दिवस ,
माँ मुझको चंदा ला दो
खेलूँगा मैं उसके संग ,
और खिलोने भी ला दो
पापा जी से दूध मंगाओ ,
मीठी खीर बना दो माँ
खाऊंगा मैं उसके संग ,
नीचे उसे बुला दो माँ

मम्मी बोली

मम्मी बोली - हुआ सवेरा ,
उठ जा बेटा मेरा राम ।
आकर जल्दी पी ले दूध ,
पड़ा दूध में है बादाम ।
फ़िर आकर तू बैग लगा ले ,
विद्यालय को जाना है ।
अच्छे बच्चे बनकर के ,
तुमको नाम कमाना है ।

बुधवार, 8 अप्रैल 2009

चाहता हूँ----------.

चाहता हूँ ,उन्मुक्त उड़ना मैं यहाँ ,क्या करुँ ऐसा गगन मिलता नहीं
चाहता हूँ , मैं खिलाना पुष्प मधु के ,क्या करुँ ऐसा चमन मिलता नहीं
चाहता हूँ , गीत गाना एकता के ,क्या करुँ ऐसा वतन मिलता नहीं
चाहता हूँ , पीर लिखना मैं हृदय की ,क्या करुँ, ऐसा अमन मिलता नहीं
चाहता हूँ , साधना करना यहाँ पर , क्या करुँ निर्जन कहीं मिलता नहीं
चाहता हूँ ,प्रीत करना मैं किसी से ,क्या करुँ ऐसा हृदय मिलता नहीं
चाहता हूँ , मैं छिपाना हर अंग को , क्या करुँ ऐसा वसन मिलता नहीं
चाहता हूँ ,प्राप्त करना मैं अमरता ,क्या करुँ ऐसा मरण मिलता नहीं
चाहता हूँ , मैं बताना निज व्यथा को ,क्या करुँ ऐसा सुजन मिलता नहीं
चाहता हूँ , मैं चढाना पुष्प तुमको , क्या करुँ ऐसा सुजन मिलता नहीं
चाहता हूँ , खेलना चहुँओर आँगनमें , क्या करुँ बचपन कहीं मिलता नहीं
चाहता हूँ , मैं पहुचना क्षितिज के उस पर , क्या करुँ ऐसा गमन मिलता नहीं
चाहता हूँ , पहचानना निज बिम्ब को , क्या करुँ ऐसा सुदर्पण मिलता नहीं
चाहता हूँ , मैं सजाना हर द्वार को , क्या करुँ ऐसा भवन मिलता नहीं
चाहता हूँ , मैं बनाना एक चित्र सुंदर , क्या करुँ ऐसा आकर्षण कहीं मिलता नहीं
चाहता हूँ , क्रांति लिखना रक्तिम स्याही से , क्या करुँ ऐसा कलम मिलता नहीं

रविवार, 5 अप्रैल 2009

PUNCTUALITY

A word which is very often used by all of us in day to day life.The word punctuality means the quality of keeping or observing the appointed time and not being late.
Thus this is one of the most essential qualities required for a successful life.In fact this is the key to success.Life is the sum total of millions & billions of hours in a series. Time , once gone never comes back. If we lose one minute; that becomes part , history, never to be brought back.
If you start for school late , you reach late and get punished . Your mood is upset and your day spoilt. You don't follow what is taught in the class , miss your class work , get scoldings and come back home with a heavy heart . And you wish you were punctual.
Take a very simple example A man started for the railway station late , reached the station late , missed the train which was to take him for his interview of a good job , missed the interview and thus the job.
All great men in world achieved success and excellence because of their quality to be punctual. They set an example and others followed suit.
For students , punctuality is more essential , Please practise from today .Be punctual for school , for games , for parties and for each activity of life. You 'll be able to manage various things at a time and life will become smoother , easier , more satisfying and happier.

जय सरस्वती माँ

मौन पराजय - बोध कभी हो , मुझ में भी ऐसा बल हो ।
ऐसी शक्ति ,भक्ति दे दो माँ , मुझमे तेरा संबल हो ।।
दीन - दुखी कहीं न कोई हो , न तो कहीं अब निर्बल हो ॥
जगती की कर्ता - हर्ता हो , तुम ही तो सबका हल हो


CHILDREN TURNING INTO COUCH POTATOES

Nowadays, many cases are coming like obesity among the children. Reason is eating of junk food. An average child eats junk food at least five times a week but breakfast cereals are almost a regular feature. But the teenagers don’t even know that this causes tooth decay and can lead to obesity in teenagers. Many popular brands like Maggi, Top Ramen and Wai Wai are coming in the market. They are fast to cook and tasty to eat. But they are also harmful for health. Some items like cakes, biscuits etc. are very harmful for health. They even don’t do any sort of physical exercises. They only sit in front of television and eats too much of junk food. This causes obesity in children. In most schools canteens are there. Most children eat things like pagodas, chips; burgers etc.The obesity in children can be avoided. Children should do regular exercise, bring home cooked meal to school or the school lunch should be designed by a school nutritionist. Allow the children to eat junk food but only once a week. MANSI GUPTA

शनिवार, 4 अप्रैल 2009

मुख पृष्ठ

कहानियाँ

कविता

बाल कथा

बाल गीत

ग़ज़ल

लेख

समीक्षा

तस्वीर

लघु कथा

दोहा

संस्मरण

गणित

हिन्दी में लिखिए

Hindi Blog Tips

TIPS

HONESTY IS THE BEST POLICY
LAUGHTER IS THE BEST MEDICINE
Loading...

समर्थक

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
नाम : आदेश कुमार पंकज पिता का नाम :( स्व०) श्री किशोरी लाल गुप्ता माता का नाम : श्रीमती पुष्पावती गुप्ता जन्म तिथि : ३०.०६ 1963 जन्म स्थान : शाहजहाँपुर (उ .प्र .) शिक्षा : एम ० एस - सी० ( गणित शास्त्र ) एम ० ए० ( अर्थ शास्त्र ) बी० एड० साहित्यिक परिचय : अनेकों कहानी व् कविताएँ विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में प्रकाशित | आकाशवाणी लखनऊ से बाल कविताएँ प्रचारित | अनेकों कवि सम्मेलनों कि अध्यक्षता व् संचालन | कस्तूरी कंचन आगमन संस्था द्वारा प्रकाशित एवम दोहा कलश संयुक्त दोहाकारों के रूप में प्रकाशाधीन | पुरस्कार : अखिल भारतीय वैश्य समाज शाहजहाँपुर द्वारा वैश्य रत्न से सम्मानित | कई कवि सम्मेलनों में विशेष सम्मान | माननीय शिक्षा मंत्री भारत सरकार श्रीमती स्मृति ईरानी द्वारा सम्मानित | विधालय प्रबंधन द्वारा लगातार आठ वर्षों से सम्मानित | वर्तमान में आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल , रेनुसागर , सोनभद्र (उ ,प्र .) में प्रवक्ता गणित शास्त्र के पद पर कार्य रत | संपर्क : जूनियर ४५ - ए रेनुसागर ,सोनभद्र (उ.प्र.)- २३१२१८ मोब .नंबर . ९४५५५६७९८१

arnava

THANKS FOR VISITING