सागर सी गहराई हो
पर्वत सी ऊँचाई हो
रोम - रोम में खुशहाली हो
हर दिल में सच्चाई हो

शनिवार, 25 अप्रैल 2009

आदेश कुमार पंकज की कविता : नारी माहात्मय

मत अपमान करो नारी का ,
यह तो जग की शान है ।
क्यों करते हो गर्भ में हत्या ,
यह तो तेरा मान है ।
आँगन की किलकारी यह है ,
बगिया की फुलवारी यह है ।
घर भर की खुशहाली यह है ,
हर ओठों की मुस्कान है ।
कभी यह प्रतिभा पाटिल बनकर ,
पूरे देश पर राज्य करे ।
कभी यह इंदिरा गाँधी बनकर ,
जग में रोशन नाम करे ।
कल्पना चावला बनकर इसने ,
दे दी नई उराहान है ।
माता बनकर के इसने ,
आचंल में हमें छिपाया ।
बहिन और पुत्री बन के इसने ,
पथ है हमें दिखाया ।
पत्नी बन यह कदम मिलाती ,
करती जीवन बलिदान है ।
आसुरी साम्राज्य मिटाने को ,
भिन्न -भिन्न यह रूप धरे ।
काली दुर्गा बन कर के यह ,
संकट सबके दूर करे ।
सृष्टी की कर्ता - हर्ता है ,
करती सबका कल्याण है ।

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मेरे बारे में

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नाम : आदेश कुमार पंकज पिता का नाम :( स्व०) श्री किशोरी लाल गुप्ता माता का नाम : श्रीमती पुष्पावती गुप्ता जन्म तिथि : ३०.०६ 1963 जन्म स्थान : शाहजहाँपुर (उ .प्र .) शिक्षा : एम ० एस - सी० ( गणित शास्त्र ) एम ० ए० ( अर्थ शास्त्र ) बी० एड० साहित्यिक परिचय : अनेकों कहानी व् कविताएँ विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में प्रकाशित | आकाशवाणी लखनऊ से बाल कविताएँ प्रचारित | अनेकों कवि सम्मेलनों कि अध्यक्षता व् संचालन | कस्तूरी कंचन आगमन संस्था द्वारा प्रकाशित एवम दोहा कलश संयुक्त दोहाकारों के रूप में प्रकाशाधीन | पुरस्कार : अखिल भारतीय वैश्य समाज शाहजहाँपुर द्वारा वैश्य रत्न से सम्मानित | कई कवि सम्मेलनों में विशेष सम्मान | माननीय शिक्षा मंत्री भारत सरकार श्रीमती स्मृति ईरानी द्वारा सम्मानित | विधालय प्रबंधन द्वारा लगातार आठ वर्षों से सम्मानित | वर्तमान में आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल , रेनुसागर , सोनभद्र (उ ,प्र .) में प्रवक्ता गणित शास्त्र के पद पर कार्य रत | संपर्क : जूनियर ४५ - ए रेनुसागर ,सोनभद्र (उ.प्र.)- २३१२१८ मोब .नंबर . ९४५५५६७९८१

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