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पर्वत सी ऊँचाई हो
रोम - रोम में खुशहाली हो
हर दिल में सच्चाई हो

शनिवार, 8 मई 2010

दोहा

गोयटा जलता देखकर , गोबर हँसता जाय |
पंकज क्यों है हँस रहा , कल तेरी बारी आय ||  

10 टिप्‍पणियां:

  1. गोयटा जलता देखकर , गोबर हँसता जाय |
    पंकज क्यों है हँस रहा , कल तेरी बारी आय

    बहुत खूब .....!!

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  2. बहुत सुंदर दोहा

    उत्तर देंहटाएं
  3. शिक्षा प्रद है

    उत्तर देंहटाएं
  4. bahut khoob
    Abhinav
    renusagar

    उत्तर देंहटाएं
  5. कृपया गोयटा का अर्थ बताने का कष्ट करें .

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुन्दर पंक्तियाँ और भाव है !

    उत्तर देंहटाएं
  7. बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
    ढेर सारी शुभकामनायें.

    संजय कुमार
    हरियाणा
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं

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मेरे बारे में

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नाम : आदेश कुमार पंकज पिता का नाम :( स्व०) श्री किशोरी लाल गुप्ता माता का नाम : श्रीमती पुष्पावती गुप्ता जन्म तिथि : ३०.०६ 1963 जन्म स्थान : शाहजहाँपुर (उ .प्र .) शिक्षा : एम ० एस - सी० ( गणित शास्त्र ) एम ० ए० ( अर्थ शास्त्र ) बी० एड० साहित्यिक परिचय : अनेकों कहानी व् कविताएँ विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में प्रकाशित | आकाशवाणी लखनऊ से बाल कविताएँ प्रचारित | अनेकों कवि सम्मेलनों कि अध्यक्षता व् संचालन | कस्तूरी कंचन आगमन संस्था द्वारा प्रकाशित एवम दोहा कलश संयुक्त दोहाकारों के रूप में प्रकाशाधीन | पुरस्कार : अखिल भारतीय वैश्य समाज शाहजहाँपुर द्वारा वैश्य रत्न से सम्मानित | कई कवि सम्मेलनों में विशेष सम्मान | माननीय शिक्षा मंत्री भारत सरकार श्रीमती स्मृति ईरानी द्वारा सम्मानित | विधालय प्रबंधन द्वारा लगातार आठ वर्षों से सम्मानित | वर्तमान में आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल , रेनुसागर , सोनभद्र (उ ,प्र .) में प्रवक्ता गणित शास्त्र के पद पर कार्य रत | संपर्क : जूनियर ४५ - ए रेनुसागर ,सोनभद्र (उ.प्र.)- २३१२१८ मोब .नंबर . ९४५५५६७९८१

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