पंकज के दोहे
साहस कभी न छोड़िये,देख मुसीबत मीत । रहा अडिग चट्टान सा ,उसने पायी जीत ।। साहस जीवन में भरे ,मित्र सुनो नव रंग । आस पास के लोग सब ,रहते उसके संग।। पंकज साहस व्यक्ति का ,है अचूक हथियार । इसके सफल प्रयोग से ,होती कभी न हार ।। नाव फँसी मझधार में ,मत छोड़ो पतवार । साहस से बढ़ते चलो , हो जाओगे पार ।। साहस से विपदा टले ,मन में रख विश्वास । दुश्मन भी आये नहीं ,पंकज तेरे पास।।
वाह! क्या बात है ! कमाल की पंक्तिया!
जवाब देंहटाएंwaah kya baat kahi sir...
जवाब देंहटाएंin char laino me bahut kuchh kah diya aapne,
जवाब देंहटाएंbahut khoob.
poonam
वाकई में अद्भुत..."
जवाब देंहटाएंGagar me sagar.Shubkamnayen.
जवाब देंहटाएंबहुत खूब, लाजबाब !
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