आज मैं अपने ब्लॉग पर १०० वीं कविता प्रस्तुत करते हुए अपार प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूँ | यह सब आप महान साहित्यकारों के प्यार ,सहयोग और आशीर्वाद के कारण ही संभव हो सका है , इसके लिये मैं आप सबका तहे दिल से आभार प्रगट करते हुए शुक्रिया अदा करता हूँ और आशा करता हूँ की भविष्य में भी ऐसे ही सहयोग प्रदान करते रहेंगे | आज मातृ दिवस के विशेष अवसर पर मैं पूजनीय मम्मी के लिये एक कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ | आप सभी को मातृ दिवस की हर्दिक शुभकामनायें | प्यारी - प्यारी मेरी मम्मी | सारे जग से न्यारी मम्मी | तुझसे ऊँचा कोई नहीं है , बहुत दुलारी मेरी मम्मी | रोज सवेरे जगती मम्मी | मुझमें ध्यान लगाती मम्मी | एक -एक आँसू पर मेरे , आँसू- धार बहाती मम्मी | गुर्वोपरि है मेरी मम्मी | देवोपरि है मेरी मम्मी | चलना उसने मुझे सिखाया , मेरी प्राणाधार है मम्मी | सभी दुःख हर लेती मम्मी | हम पर प्यार लुटाती मम्मी | अर्पण कर देती है तन -मन , ममता -मूर्ति है मेरी मम्मी |
करारा व्यंग.."
जवाब देंहटाएंwaah achcha vyanga...
जवाब देंहटाएंबहुत खूब
जवाब देंहटाएंवाह, क्या बात है !
जवाब देंहटाएंkya khoob likha hai aapne. aisa hi to hota hai.bahut hi badhiya vyang padh kar maja aa
जवाब देंहटाएंgaya.
poonam
प्रिय मित्र , नीलेश माथुर जी ब्लॉग ज्वाइन करने और उत्साह वर्धन के लिए धन्यवाद
जवाब देंहटाएंआदरणीया पूनम जी ,
जवाब देंहटाएंमहत्व पूर्ण टिप्पणी के लिए आपको साधुवाद
सभी प्रशंसकों का हृदय से आभारी हूँ | आपके द्वारा हमारा उत्साह वर्धन ही हमारा सम्बल है |
जवाब देंहटाएंबहुत बढ़िया
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