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हर दिल में सच्चाई हो

बुधवार, 12 मई 2010

बाबू

हैं गरीबी से जब सब निढाल बाबू |
गाल कैसे तुम्हारे गुलाल बाबू  | 
पान खाये लकालक बने घूमते  , 
कौन मुर्गा किया है हलाल बाबू  |
थोड़े वेतन से बंगला खड़ा कर लिया , 
खूब तुमने किया है कमाल बाबू  | 
हम तो रोटी की उलझन न सुलझा सके  ,
तुमने हल कर लिये सब सवाल बाबू  |
वक्त हमको रहा पीट हर मोड़ पर , 
तुमको छू भी सके क्या मजाल बाबू  |
जिन्दगी वह तुम्हारे लिये स्वर्ग है  , 
 हम तो जन्मों - जन्म  के बबाल बाबू  |

7 टिप्‍पणियां:

  1. वाह! बहुत शानदार!!

    एक विनम्र अपील:

    कृपया किसी के प्रति कोई गलत धारणा न बनायें.

    शायद लेखक की कुछ मजबूरियाँ होंगी, उन्हें क्षमा करते हुए अपने आसपास इस वजह से उठ रहे विवादों को नजर अंदाज कर निस्वार्थ हिन्दी की सेवा करते रहें, यही समय की मांग है.

    हिन्दी के प्रचार एवं प्रसार में आपका योगदान अनुकरणीय है, साधुवाद एवं अनेक शुभकामनाएँ.

    -समीर लाल ’समीर’

    उत्तर देंहटाएं
  2. बढ़िया व्यंग .....भ्रष्टाचार पर करारी चपत

    उत्तर देंहटाएं
  3. करारा व्यंग्य

    उत्तर देंहटाएं
  4. असरदार व्यंग्य

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह! कमाल की रचना है, मज़ा आ गया पढ़कर !

    उत्तर देंहटाएं






  6. आदरणीय आदेश कुमार पंकज जी
    सस्नेहाभिवादन !


    हैं गरीबी से जब सब निढाल बाबू
    गाल कैसे तुम्हारे गुलाल बाबू

    पान खाये लकालक बने घूमते
    कौन मुर्गा किया है हलाल बाबू

    थोड़े वेतन से बंगला खड़ा कर लिया
    खूब तुमने किया है कमाल बाबू

    हम तो रोटी की उलझन न सुलझा सके
    तुमने हल कर लिये सब सवाल बाबू

    वक्त हमको रहा पीट हर मोड़ पर
    तुमको छू भी सके क्या मजाल बाबू

    वाह वाह वाऽऽह !
    ख़ूब लिखा हुज़ूर ! मुबारकबाद !

    आपकी बहुत सारी न पढ़ी हुई रचनाओं का रसास्वादन किया है आज …
    बहुत अच्छा लगा…

    बहुत समय से पोस्ट नहीं बदली आपने …
    आशा है, आप सपरिवार स्वस्थ-सानंद हैं
    हार्दिक शुभकामनाओं-मंगलकामनाओं सहित…
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

    उत्तर देंहटाएं

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मेरे बारे में

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नाम : आदेश कुमार पंकज पिता का नाम :( स्व०) श्री किशोरी लाल गुप्ता माता का नाम : श्रीमती पुष्पावती गुप्ता जन्म तिथि : ३०.०६ 1963 जन्म स्थान : शाहजहाँपुर (उ .प्र .) शिक्षा : एम ० एस - सी० ( गणित शास्त्र ) एम ० ए० ( अर्थ शास्त्र ) बी० एड० साहित्यिक परिचय : अनेकों कहानी व् कविताएँ विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में प्रकाशित | आकाशवाणी लखनऊ से बाल कविताएँ प्रचारित | अनेकों कवि सम्मेलनों कि अध्यक्षता व् संचालन | कस्तूरी कंचन आगमन संस्था द्वारा प्रकाशित एवम दोहा कलश संयुक्त दोहाकारों के रूप में प्रकाशाधीन | पुरस्कार : अखिल भारतीय वैश्य समाज शाहजहाँपुर द्वारा वैश्य रत्न से सम्मानित | कई कवि सम्मेलनों में विशेष सम्मान | माननीय शिक्षा मंत्री भारत सरकार श्रीमती स्मृति ईरानी द्वारा सम्मानित | विधालय प्रबंधन द्वारा लगातार आठ वर्षों से सम्मानित | वर्तमान में आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल , रेनुसागर , सोनभद्र (उ ,प्र .) में प्रवक्ता गणित शास्त्र के पद पर कार्य रत | संपर्क : जूनियर ४५ - ए रेनुसागर ,सोनभद्र (उ.प्र.)- २३१२१८ मोब .नंबर . ९४५५५६७९८१

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